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Standing Postures

Standing postures are those asanas that begin with the individual standing upright on his/ her feet. Sirshasana alone has the individual standing upside down. 

अधोमुख श्वानासन

अधोमुख श्वानासन को भारतीय योग में बड़ा ही अहम स्थान हासिल है। अधोमुख श्वानासन को अष्टांग योग का बेहद महत्वपूर्ण आसन माना जाता है। ये आसन सूर्य नमस्कार के 7 आसनों में से एक है। 

योग की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसके आसन प्रकृति में पाई जाने वाली मुद्राओं और आकृतियों से प्रभावित होते हैं। योग विज्ञान ने अधोमुख श्वानासन को कुत्ते या श्वान से सीखा है। कुत्ते अक्सर इसी मुद्रा में शरीर की थकान मिटाने के लिए स्ट्रेचिंग करते हैं। यकीन जानिए, शरीर में स्ट्रेचिंग के लिए बताए गए सर्वश्रेष्ठ आसनों में से एक है।

Tadasana

The base of all standing poses, Tadasana is a great beginning position, resting asana, or tool for improving your posture. Also called the Mountain Pose, Samasthiti, Prayer Pose, or Equal Standing Pose, it involves putting your feet together and your hands at your body’s sides.

તાડાસન

આ આસનમાં શરીરની સ્થિતિ તાડના ઝાડ જેવી થઈ જાય છે તેથી આ આસનને તાડાસન કહે છે. 

મૂળ સ્થિતિ : સાવધાનની સ્થિતિમાં ઊભા રહેવું.

తాడాసనం

తాడాసనం యోగాలో ఒక విధమైన ఆసనం. తాడ అంటే సంస్కృతంలో పర్వతమని అర్థం. యోగప్రక్రియలో వేసే భంగిమనే సమస్థితి ఆసనమని కూడా అంటారు. సమ అంటే కదలని సమతత్వం, స్థితి అంటే నిలబడుట అని అర్థం. కదలకుండా సమస్థతిలో నిలబడి చేసేదే సమస్థితి ఆసనం లేదా తాడాసనం అవుతుంది.

ताड़ासन

शरीर की लम्बाई बढ़ाने और मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए इस आसन का प्रयोग किया जाता है | ताड़ासन का संधि विच्छेद करने पर यह – ताड़ + आसन शब्दों से बना होता है | यहाँ ताड़ का अर्थ ताड़ के पेड़ से है और आसन का अर्थ योग आसन से है | अत: शाब्दिक अर्थो से समझें तो जो आसन शरीर को ताड़ के पेड़ की तरह लम्बा करने में मदद करे या जिसे अपनाने से ताड़ के पेड़ की आकृति बनती हो उसे ताड़ासन कहा जाता है | वैसे संस्कृत में ताड़ को पर्वत का पर्यायवाची भी कहा जाता है , जो लम्बाई का प्रतिक होता है |

નટરાજાસન

નટ- -નૃત્યકાર રાજા- ભગવાન, રાજા નટરાજ એ શિવનું નામ છે. એથી આસનને નટરાજાસન કહેવામાં આવે છે.

રીત:

  1. તાડાસનમાં ઊભા રહો. ડાબો હાથ ખેંચીને જમીનને સમાંતર રાખો.
  2. જમણો ઢીંચણ વાળીને જમણો પગ ઊંચો કરો. જમણા પગના એન્કલ (ઘૂંટી)ને પકડો અને એને ઊંચો ખેંચો. એન્કલ નિતંબથી દૂર રહે તે જોવું.
  3. ધીમે ધીમે પગના અંગૂઠા તરફ ફોકસ કરો અને નીચેની તરફ વાંકા વળો. ખેંચાણ વધે તેમ કરો. શ્વાસ શાંતિથી નોર્મલ જ લેજો.
  4. અહીં તમારી અનુકૂળતાએ થોડી સેકંડ માટે રોકાવ.
  5. જ્યારે પાછા આવવા ધારો ત્યારે ધીમે ધીમે પાછા ઊભા રહેવાની સ્થિતિમાં આવી જાવ.

 

नटराजासन

नटराज भगवान शंकर को कहा गया है.भगवान शंकर का नर्तक रूप ही नटराज है.योग की यह मुद्रा शरीरिक संतुलन के लिए बहुत ही लाभप्रद है.इस योग का अभ्यास खड़ा रहकर किया जाता है.

मार्जरासन

मार्जरासन एक आगे की ओर झुकने और पीछे मुड़ने वाला योग आसन हैं इसे कुछ लोग मार्जरी आसन और कैट पोज़ के नाम से भी जानते हैं। कैट वॉक दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन हम योग आसन वर्ग में कैट पोज़ के बारे में चर्चा करते हैं। यह आसन आपके शरीर के लिए अनके प्रकार से लाभदायक हैं, यह आसन रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव देता हैं इसके साथ यह पीठ दर्द और गर्दन दर्द में राहत दिलाता है। आइये मार्जरासन करने के तरीके और उससे होने वाले लाभ को विस्तार से जाते हैं।