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ਯੋਗ

पेट की चर्बी घटाए धनुरासन

आज पूरी दुनिया मोटापे से परेशान है और इसके लिये लोक बहुत परेशान हैं। अगर आप बिना जिम जाए पेट की चर्बी को घटाना चाहते हैं तो, धनुरासन करें। धनुरासन से पेट की चर्बी कम होती है। धनु का अर्थ धनुष होता है। इस आसन में धनुषाकार आकृति बनाई जाती है। इसमें हाथों का उपयोग सिर, धड और टांगों को ऊपर खींचने के लिए प्रत्यंचा की तरह किया जाता है। शरीर को धनुष के समान टेड़ाकरके फ़ैलाने और शरीर को सशक्त बनाने की इस क्रिया से तरुणाई की प्राप्ति होती है। इससे सभी आंतरिक अंगों, माँसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। गले के तमाम रोग नष्ट होते हैं। पाचनशक्ति बढ़ती है। श्वास की क्रिया व्यवस्थित चलती है। मेरुदं

बालों के लिए योगाभ्यास

हेयर योगा- उम्र से पहले बालों का सफेद होना एक आम समस्या है और इससे निजात पाने के लिए कारगर है- ग्रे हेयर योगा। इस योगा में हाथों के नाखूनों को आपस में रगड़ा जाता है। आप एक हाथ के नेल्स को दूसरे हाथ के नेल्स से रब करें। इसे एक दिन पांच मिनट के लिए 5 बार करें। अगर आप इसे योग को छह महीने के लिए नियमित तौर पर करते हैं तो बालों के असमय सफेद होने की समस्या से निजात पायी जा सकती है।

 

स्किन को जवान बनाए रखना हो तो रोज करें सिंहासन

वर्तमान समय में अधिकांश लोगों की दिनचर्या और खानपान दोनों ही अनियमित है। यही कारण है कि कुछ लोगों के चेहरे पर कम उम्र में ही झुर्रिया दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में जो लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं, वे एंटीएजिंग क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं और एंटी एजिंग क्रीम कोई असर नहीं दिखा रहे तो रोज सिंहासन करें।

 

हर चक्र को जागृत करने के लिए कई आसन

सात चक्रों को लेकर जब भी बातें होती हैं, वो कभी हमारी समझ और कभी तो हमारी पकड़ से बाहर लगती है। इस आलेख में चक्रों की उन खूबियों की चर्चा है, जो सीधे तरीक़े से हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करती हैं। साथ ही जानेंगे कि कैसे योग साधना के सरल उपाय से हम अपने व्यक्तित्व को कई आयामों में खिला सकते हैं।

क्या योग और ध्यान से सबकुछ संभव है?

एक बार हम ध्यान शिविर में बैठ के चर्चा कर रहे थे।

सामने बर्फ से ढके हिमालय की खूबसूरती और ताजी मनमोहक हवा हमारे मन को आनंदित कर रही थी।

पंचकेदार के पास एक बहुत ही खूबसूरत जगह है जहाँ हमारे गुरुजी ऐसे ध्यान शिविर कराते रहते हैं।

उस दिन गुरुजी किसी काम से बाहर थे और सबको ध्यान कराने की जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी।

दिल्ली के एक बड़े व्यापारी हम सबके साथ बैठ कर ध्यान सीख रहे थे।

उन्होंने मुझसे पूछा : क्या ध्यान योग से कोई भी शक्ति प्राप्त की जा सकती है? और कुछ भी किया जा सकता है?

स्मरण शक्ति बढ़ाए हलासन, भस्त्रिका, ध्यान

जीवन की सफलता में स्मरण शक्ति की खास भूमिका होती है। यह अगर कमजोर हो जाए तो कई बार अपमान का भी सामना करना पड़ता है। आप उसे बेहतर करने के लिए यौगिक क्रियाओं को अपनाएं। बता रहे हैं योगाचार्य कौशल कुमार

क्या है क्रिया योग ?

संस्कृत के शब्द 'क्रिया' का मतलब 'करना' है। इसलिये क्रिया योग का मतलब है कि वे प्रणालियां जिनके द्वारा सेहद, आध्यात्मिक विकास, या एकता-चेतना का अनुभव हो। पतांजली के २००० साल पुराने 'योग सूत्र'  में लिखा है कि क्रिया योग का मतलब है कि मन और इन्द्रियों को वश मे रखना, स्वयं विल्क्षेषण, स्वाध्याय, ध्यान का अभ्यास, और अहंकार की भावना का ईशवर प्राप्ति के लिये त्याग।

मानसिक क्षमताओं का विकास

स्मरण शक्ति एवं बौद्धिक क्षमता जीवन में प्रगति के लिए प्रमुख साधन माने जाते हैं. योग से मानसिक क्षमताओं का विकास होता है और स्मरण शक्ति पर भी गुणात्मक प्रभाव होता है. योग मुद्रा और ध्यान मन को एकाग्र करने में सहायक होता है. एकाग्र मन से स्मरण शक्ति का विकास होता है. प्रतियोगिता परीक्षाओं में तार्किक क्षमताओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं. योग तर्क शक्ति का भी विकास करता है एवं कौशल को बढ़ता है. योग की क्रियाओं द्वारा तार्किक शक्ति एवं कार्य कुशलता में गुणात्मक प्रभाव होने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है

मानसिक सुकून के लिए करें वृक्षासन

वृक्षासन यानी पेड़ के समान। यह आसन करने से मनुष्य की आकृति पेड़ के समान हो जाती है। यही कारण है कि इसे वृक्षासन कहते हैं। इस आसन से न सिर्फ शारीरिक रूप से हमें लाभ पहुंचाता है वरन इसके करने से हमें मानसिक सुकून भी मिलता है। जहां एक ओर वृक्षासन से हमारे शरीर के विभिन्न अंग विशेषों को लाभ पहुंचता है, वहीं दूसरी मानसिक तनाव को भी यह आसन दूर रखता है। कहने का मतलब यह कि मानसिक सुकून चाहिए तो वृक्षासन कीजिए। इस आसन के लाभ वृक्षासन के असंख्य लाभ है बशर्ते इसे नियमानुसार किया जाए। साथ ही इसकी सावधानियां भी बरती जाएं। योग विशेषज्ञों की मानें तो वृक्षासन सुबह उठकर किया जाए तो इसका हमें फायदा पहुंचता

गुर्दे और मूत्र विकारों दूर करें धनुरासन

धनुरासन  संस्कृत शब्द धनुष का अर्थ है घुमावदार या मुड़ा हुआ? इस आसन को करने से शरीर की आकृति खींचे हुए धनुष के समान हो जाती है, इसीलिए इसको धनुरासन कहते हैं।

आसन विधि : 

स्टेप 1- सर्वप्रथम मकरासन में लेट जाएं। मकरासन अर्थात पेट के बल लेट जाएं।

स्टेप 2- ठोड़ी को भूमि पर टिका दें। हाथ कमर से सटे हुए और पैरों के पंजे एक-दूसरे से मिले हुए। तलवें और हथेलियां आकाश की ओर रखें।

स्टेप 3- घुटनों को मोड़कर दाहिने हाथे के पंजे से दाहिने पैर और बाएं हाथ के पंजे से बाएं पैर की कलाई को पकड़ें।