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योग

योग के प्रकार

हमारे शरीर में अलग अलग अंगों और विभिन्‍न प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों को प्राप्‍त करने के लिए योग किया जाता है। लेकिन योग के कई प्रकार होते हैं आइए संक्षिप्‍त में जाने योग के प्रकार जो हमें कई प्रकार के लाभ दिलाते हैं।

  • वि‍नीसा योग (Vinyasa Yoga)
  • अष्‍टांग योग (Ashtanga Yoga)
  • आयंगर योग (Iyengar Yoga)
  • बिक्रम योग (Bikram Yoga)
  • जिवामुक्ति योग (Jivamukti Yoga)
  • पावर योग (Power Yoga)
  • शिवानंद योग (Sivananda Yoga)
  • यिन योग (Yin Yoga)

योग के नियम

क्‍या आप योग को अपने जीवन में शामिल करना चाहते हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन जिन लोगों को योग के नियम पता नहीं है, या योग कैंसे करते हैं तो यह लेख उनकी मदद कर सकता है। अपने शुरुआती लक्ष्‍यों या योग के लिए यहां कुछ नियम दिये गए हैं आइए इन्‍हें जानें।

योग क्‍या है

जो लोग योग के फायदे प्राप्‍त करना चाहते हैं, उन्‍हें सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि योग क्‍या है। यह समझना बहुत ही आवश्‍यक है कि योग क्‍या है। क्‍योंकि योग एक ऐसी तकनीक है जो आपके शरीर के विभिन्‍न अंगों को प्रभावित करती है। कुछ लोग इसे प्रशिक्षण की प्राचीन विधि कहते हैं। कुछ लोग योग को कठिन आसनों की संज्ञा देते हैं। योग शब्‍द वास्‍तव में संघ को दर्शाता है। यह एक ऐसा अभ्‍यास है जो शरीर के विभिन्‍न अंगों, मुद्राओं, ध्‍यान और नियंत्रित श्वास के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा को जोड़ता है। योग न केवल आपके शरीर को मजबूत करता है बल्कि आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को भी बढ़ावा देता है।

योग क्‍या है, योग के प्रकार और फायदे

पिछले कुछ समय से योग ने बहुत ही लोकप्रियता हासिल कर ली है। बहुत से लोग योग के लाभ जानते हैं। लेकिन फिर भी बहुत सी आवादी योग के फायदे से अनभिज्ञय है। कई अध्‍ययनों ने योग के फायदे होने की पुष्टि की है साथ ही बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य सलाहकार योग को अपनाने की सलाह भी देते हैं। कहा भी जाता है ‘कई रोगों की एक दवा है योग’ जो लोग नियमित व्‍यायाम करते हैं उन्‍हें कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से छुटकारा मिल सकता है। लेकिन योग क्‍या है, इसे कैंसे करें, योग के नियम क्‍या हैं, योग के प्रकार और फायदे। इस तरह के तमाम प्रश्‍नों का जबाब आपको इस लेख में मिल जायेंगा। आइए जाने योग के बारे में सब कुछ जो आपके

बालासन के समान अन्य योग आसन

कुछ ऐसी अन्य मुद्राएं भी हैं जो बालासन के समान हैं और बालासन के साथ ही इन आसनों का अभ्यास भी नियमित रूप से किया जा सकता है। इन आसनों को करने से बालासन पोज की तरह ही फायदे मिलते हैं। ये आसन कूल्हों, जांघों और टखनों में तनाव को कम करने में मदद करते हैं। ये आसन निम्न हैं।

ताड़ासन (Mountain pose)
उत्तानासन (Forward-Bending pose)
अधोमुख शवासन (Downward Facing Dog pose)
भुजंगासन (Cobra pose)
ये सभी आसन बालासन के फायदे को बढ़ा देते हैं और मस्तिष्क एवं मांसपेशियों को राहत दिलाने में मदद करते हैं।

लंग्स के लिए योग अर्धमत्स्येन्द्रासन

अर्धमत्स्येन्द्रासन योग आसन प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। इस आसन के दौरान गहरी सांस फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है और अंततः श्वसन प्रणाली को मजबूत करती है। यह शरीर में रीढ़ की हड्डी और उत्तेजक ग्रंथियों को फैलाने के लिए बिल्कुल सही आसान है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा के उस पर दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दायं पैर को बाएं पैर के घुटने के साइड में बाहर की ओर रखें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें अपने गर्दन कंधे और कमर को दाहिनी ओर घुमा लें। कुछ सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहे और फिर यही पूरी प्रक्रिया दूसरे पैर से करें।

फेफड़ों की सफाई के लिए योग गोमुखासन

गोमुखासन, योग का एक और हिस्सा जो आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बेहद फायदेमंद है। गोमुखासन विश्राम को प्रेरित करने के लिए उत्कृष्ट आसन है। यह आसन न केवल छाती के क्षेत्र को खोलता है बल्कि पीठ दर्द, थकावट, तनाव और चिंता को कम करता है। इस आसन को करने के लिए आप आप सबसे एक योगा मैट बिछा के सुखासन में बैठ जाएं। अपने दाएं पैर को खिंच के अपने शरीर के पास लाएं फिर अपने बाएं पैर को भी खिंच के दाएं पैर की जांघ के ऊपर से अपने पास लाएं। अब अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर से पीठ पर ले जाएं और बाएं हाथ को कोहनी के यह से मोड़ें के पीठ के पीछे ले जाये और अपने दोनों हाथों को आपस में मिला लें। आप इ

फेफड़ों के लिए योग त्रिकोणासन

त्रिकोणासन योग मुद्रा तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और फेफड़ों को आसान वायु मार्ग की अनुमति देता है। इस योग मुद्रा की प्रमुख विशेषता है कि यह छाती गुहा का विस्तार करने में मदद करता है, जिससे फेफड़ों का एक अच्छा व्यायाम सुनिश्चित हो जाता है। यह आसान केवल फेफड़े ही नहीं बल्कि आंतरिक जांघों और पेट की मांसपेशियों को खींचने और रीढ़ को मजबूत करने में भी बेहद फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट पर दोनों पैरों को दूर-दूर करके सीधे खड़े हो जाएं, अपने दाएं पैर के साइड झुकें और अपने हाथ को जमीन पर रखें और दूसरे हाथ को ऊपर करके सीधा करें जिससे दोनों हाथ एक सीधी रेखा में हो जाएं। कुछ द

फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए योग भुजंगासन

भुजंगासन करने से आपके फेफड़ों को पर्याप्त फैलाव मिलता हैं यह फैलाव आपके शरीर में अधिक ऑक्सीजन ग्रहण करने में आपकी मदद करता हैं जिससे आपके फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। इस आसन को करने लिए आप एक योगा मैट को बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीट ऊपर की ओर रहे। अपने दोनों हाथों को जमीन पर रखें। अब अपने दोनों हाथों पर वजन डालते हुयें धीरे-धीरे अपने सिर को पीछे के ओर करें और ठुड्डी को ऊपर की ओर करने का प्रयास करें। आप इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें।