आसन
स्ट्रांग हेयर के लिए पवनमुक्तासन
अपने बालों के मजबूत बनाने के लिए पवनमुक्तासन योग बहुत ही लाभदायक है। यह योग हमारे बालों को स्वस्थ रखने के लिए हार्मोन को निकलता है। इसके अलावा पवनमुक्तासन योग आपके बालों की सभी समस्याओं को हल करते हुए पाचन और उत्सर्जन को आसान बनाता है। पवनमुक्तासन आपके पेट और आंतों से पाचन गैसों को निकलता है और आपके पेट के संकुचन (contractions) से छुटकारा दिलाता है। यह मुद्रा मासिक धर्म की समस्याओं को ठीक करती है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा के उस पर सीधे लेट जाएं। अपने दाएं पैर को घुटने से मुड़े और घुटने को अपने मुँह की ओर कर लें। अपने कंधों को ऊपर उठायें अपनी नाक से घुटने को छूने
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भद्रासन अन्य के लाभ
यह ध्यान में बैठने के लिए एक उपयोगी योग आसन हैं।
भद्रासन योग करने से एकाग्रता बढ़ती हैं और दिमाग तेज होता हैं।
मन की चंचलता कम होती हैं और एक जगह मन लगाने में मदद मिलती है।
भद्रासन योग प्रजनन शक्ति बढ़ाता हैं।
भद्रासन योग करने से पाचन शक्ति ठीक रहती हैं।
इस योग से पैर के स्नायु मजबूत होते हैं।
सिरदर्द, कमरदर्द, आँखों की कमजोरी, अनिद्रा और हिचकी जैसे समस्या में राहत मिलती हैं।
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भद्रासन क्या है
भद्रासन, हठ योग प्रदीपिका के लेखक योगी आत्माराम के ध्यान के चार मुख्य आसनों में से एक है। भद्रासन को लंबे समय तक बैठने के लिए उपयुक्त होने के कारण हठ योग प्रदीपिका में चौथे आसन के रूप में उल्लेख किया गया है। योगी इस आसन में बैठकर थकान से छुटकारा पा सकते हैं। भद्रासन शब्द को संस्कृत भाषा से लिए गया है जो कि दो शब्दों से मिलकर बना है। भद्रासन का पहला शब्द ‘भद्र’ है जिसका अर्थ है ‘शुभ’ और दूसरा ‘आसन’ जिसका अर्थ ‘मुद्रा’ होता है। इस योग को अंग्रेजी में “ग्रेसिऑस पोज” (Gracious pose) कहा जाता है। इस मुद्रा को शास्त्रीय हठ योग प्रदीपिका द्वारा ‘सभी रोगों के नाशक’ के रूप में जाना जाता है। आइये भद्
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दंडासन करने में क्या सावधानी रखें
मेरुदंडासन योग करने में आपको क्या-क्या सावधानी रखना आवश्यक हैं, इसे हम नीचे दिए कुछ बिंदुओं से समझते हैं-
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मेरुदंडासन करने के फायदे पेट के लिए
मेरुदंडासन योग पेट को टोन करता है, यह विशेष रूप से यकृत पर काम करता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह आंतों के पेरिस्टलसिस (peristalsis) को उत्तेजित करने में मदद करता है। यह योग कब्ज, एसिड रिफ्लेक्स, और ब्लोटिंग आदि पाचन सम्बन्धी समस्या जो अत्यधिक असहज और अस्वास्थ्यकर होती हैं, इन सभी प्रकार की समस्या को मेरुदंडासन योग के माध्यम से हटाया जा सकता है।
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मेरुदंडासन क्या हैं
मेरुदंडासन शब्द संस्कृत भाषा से लिए गया है जो दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें पहला “मेरुदंड” है जिसका अर्थ “रीढ़ की हड्डी” होता है और दूसरा शब्द “आसन” है जिसका अर्थ “पोज़ या मुद्रा” होता हैं। मेरूदंडासन को आमतौर पर अंग्रेजी में “बैलेंसिंग बियर पोज़” (balancing bear pose) और “स्पाइनल कॉलम पोज” (Spinal Column Pose) कहा जाता है। मेरूदंडासन एक मध्यवर्ती आसन है जिसमें संतुलन और लचीलेपन की आवश्यकता होती है। इस आसन को करने वाला व्यक्ति एक बच्चे के सामान दिखाई देता है जैसे कि कोई बच्चा अपने पैर की उंगलियों को अपने मुंह में डालते हुए, अपने कंधे और सिर को उठाता है। आइये मेरुदंडासन योग को करने का तरीक
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शुतुरमुर्गासन क्या है
शुतुरमुर्गासन एक प्रकार का योग आसन है। शुतुरमुर्गासन करने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई व्यक्ति अपने सिर को जमीन में छुपा रहा हो। शुतुरमुर्गासन योग दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला शब्द “शुतुरमुर्ग” होता है जो कि एक पक्षी है और दूसरा शब्द “आसन” होता है जिसका अर्थ “ मुद्रा या स्थिति” होता है। शुतुरमुर्गासन योग को अंग्रेजी में ऑस्ट्रिच पोज (Ostrich Pose) कहा जाता है। इस योग को करने वाला व्यक्ति एक शुतुरमुर्ग के सामान दिखाई देता है। शुतुरमुर्ग मुद्रा एक महान वार्म अप (warm up) है क्योंकि यह आपकी बाहों, कंधों और हैमस्ट्रिंग को फैलाता है। आइये शुतुरमुर्गासन योग को करने का तरीका और फायदे को
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ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद वजन कम करने के लिए अर्धमत्स्येन्द्रासन
जिन महिलाओं का बच्चा ओपरेशन से हुआ है वह अपने वजन को कम करने के लिए अर्धमत्स्येन्द्रासन योग को कर सकती है। यह योग किडनी और लिवर को उत्तेजित करता है और शरीर के प्रतिरक्षा स्तर में भी सुधारता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा कर उस पर दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दायं पैर को बाएं पैर के घुटने के सामने रखें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें तथा अपने सिर और कमर दाहिनी ओर घुमा लें। कुछ देर इस मुद्रा में रहे और फिर यही पूरी प्रक्रिया दूसरे पैर से करें।
वशिष्ठासन क्या है
वसिष्ठासन प्लैंक पोज़ का साइड वेरिएशन है और मध्यवर्ती स्तर के अंतर्गत आता है। वशिष्ठासन योग का नाम संस्कृत से लिया गया हैं। “वशिष्ठ” सात ऋषियों में से एक महान ऋषि का नाम है, इसलिए वसिष्ठासन योग महान ऋषि वशिष्ठ को समर्पित है। वसिष्ठासन योग दो शब्दों “वशिष्ठ” और “आसन” से मिलकर बना है, जिसमें वशिष्ठ एक महान ऋषि का नाम है जिसका अर्थ “धनवान” होता है और दूसरा शब्द “आसन” जिसका अर्थ “पोज़ या मुद्रा” होता हैं। यह आसन स्वास्थ्य का पावरहाउस है, इसलिए इसका नाम वशिष्ठ के नाम पर रखा गया है। वसिष्ठासन को साइड प्लैंक पोज (side plank pose) के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन को वन आर्म बैलेंस पोज (One Arm Bala
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बड़े स्तन के लिए द्विकोणासन करने का तरीका
बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं और दो बार गहरी सांसें लें और फिर अपने हाथ को पीछे लाएं और अपनी उंगलियों को क्रास कर लें।
अब धीरे-धीरे अपनी इंटरलॉक्ड उंगलियों को पलटें, लेकिन ध्यान रखें कि आप अपनी कलाई पर दबाव न डालें।
धीरे-धीरे अपने ऊपरी शरीर को नीचे झुकाएं और अपनी कमर से किसी भी हिस्से को न हिलाएं।
इसके साथ ही अपनी मांसपेशियों को बिना हिलाए अपने इंटरलॉक किए हुए हाथ को जितना संभव हो ऊपर की ओर ले जाएं।
10 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें और फिर वापस सामान्य मुद्रा में खड़े हो जाएं।
गोलाकार एवं बड़े स्तन पाने के लिए इस आसन को दस बार दोहराएं।
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