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आसन

बालासन के लाभ कूल्हों के लिए फायदेमंद

यह आसन करने से कूल्हों, जांघों और टखनों एवं कमर में तनाव कम होता है। यह आसन मांसपेशियों को लचीला बनाता है और दर्द को कम करने में मदद करता है। यदि आपके कूल्हों पर फैट अधिक है या कूल्हे (buttock) पीछे की ओर अधिक निकला हो तो यह आसन कूल्हों को कम करने में भी मदद करता है।

बालासन के फायदे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने में

प्रतिदिन बालासन का अभ्यास करने से पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इसके साथ ही यह पेट के अंगों का मसाज करने एवं उन्हें टोन करने के साथ ही पाचन को बढ़ाने में भी मदद करता है।

तनाव दूर करने में बालासन के फायदे

इस आसन के सांस लेने के पैटर्न (breathing pattern) से तनाव दूर होता है और मस्तिष्क शांत रहता है। इसके अलावा यह आसन डिप्रेशन, माइग्रेन और चिड़चिड़ाहट को दूर करने में भी मदद करता है।

बालासन के फायदे थकान दूर करने में

बालासन को आराम की मुद्रा (resting pose) कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को राहत प्रदान करता है और थकान को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा इस आसन के दौरान सांस लेने और छोड़ने की क्रिया से एक तरह की शांति (calm) मिलती है। यदि किसी व्यक्ति को अधिक चक्कर आता हो तो विशेष रूप से ऐसे व्यक्तियों के लिए बालासन बहुत फायदेमंद होता है।

बालासन के फायदे

बालासन के फायदे थकान दूर करने में
तनाव दूर करने में बालासन के फायदे
बालासन के फायदे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रखने में
बालासन के लाभ कूल्हों के लिए फायदेमंद
कमर दर्द दूर करने में बालासन के फायदे

बालासन करने की विधि

किसी भी आसन का अभ्यास शुरू करने से पहले उसे करने के सही तरीके के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। इसका कारण यह है कि सही तरीके से आसन का अभ्यास (practice) न करने से शरीर में समस्या उत्पन्न हो सकती है। आइये जानते हैं बालासन करने का सही तरीका क्या है।

बालासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां

लासन संस्कृत का शब्द है जहां बाल का अर्थ बच्चा (child) और आसन का अर्थ मुद्रा (pose) है। बालासन के फायदे अनेक है, यह आसन कई विभिन्न आसनों से मिलता-जुलता रूप है और इसका अभ्यास शीर्षासन से पहले और बाद में किया जा सकता है। इस आसन को करते समय जमीन पर लेटे बच्चे की तरह आकृति बनती है और कूल्हे जमीन से ऊपर उठे हुए एवं घुटने जमीन से चिपके होते हैं इसलिए इस आसन को बालासन पोज कहा जाता है। इस आसन को गर्भाशन (Garbhasana) या शशांकासन (Shashankasana) भी कहा जाता है। सभी तरह के योगासन की कुंजी (key) श्वास होता है। इसलिए इस आसन का अभ्यास करते समय सांस लेने औऱ छोड़ने की पूरी प्रक्रिया पर अधिक ध्यान देना चाहि

पादहस्तासन क्या है

पादहस्तासन एक योग आसन है जिसका नाम संस्कृत से लिए गया है। पादहस्तासन शब्द तीन शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला शब्द “पाद” है जिसका अर्थ “पैर” होता है, इसका दूसरा शब्द “हस्त्” जिसका अर्थ “हाथ” है और तीसरा शब्द “आसन” जिसका अर्थ “मुद्रा या स्थिति” होता है। पादहस्तासन योग का अंग्रेजी नाम गोरिल्ला पोज (Gorilla pose) और हैण्ड अंडर फीट पोज (hand under foot pose) होता है। पादहस्तासन योग आसन हमारे शरीर के लिए अनेक प्रकार से लाभदायक होता है। आइये पादहस्तासन योग को करने की विधि को विस्तार से जानते हैं।

कमर पतली करने का आसन धनुरासन

धनुरासन योग कमर को कम करने के लिए एक बहुत ही अच्छा योग आसन है। इस आसन में आपकी स्थिति ऊपर उठे हुए धनुष के सामान दिखाई देती हैं। यह आसन आपके शरीर के सामने की सभी मांसपेशियों को फैलाने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को शरीर के समान्तर रखें और पैरों को पीछे की ओर मोड़ लें। अब अपने हाथों को पीछे ले जाएं और दोनों पैरों को दोनों हाथों से पकड़ लें। इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अंत में दोनों हाथों को खोल के अपनी प्रारंभिक स्थिति में आयें।

बालों को काला करे अधोमुख श्वान आसन

अधोमुख श्वान आसन योग आपके सिर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है जिससे आपके सफ़ेद बाल काले होना शुरू हो जाते है। इस मुद्रा को करते समय आपका सिर नीचे आता है, जो सिर तक रक्त के प्रवाह को उत्तेजित करता है। यह आपके शरीर को आराम देने के साथ-साथ बालों के विकास को ट्रिगर (triggering) करने के लिए एक उत्कृष्ट आसन है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा के उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों के बीच में थोड़ा सा अंतर रखें।