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योग

रजोनिवृत्ति के लिए योग कैट काऊ पोज

कैट और काऊ पोज इन दोनों पोज का संयोजन आपकी रीढ़ को गति की एक सीमा से आगे बढ़ाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी आगे और पीछे दोनों ओर प्रभावित होती हैं। जब आप कैट पोज़ में पीठ को गोल करते हैं, तो आप शरीर के उस हिस्से को खींचते हैं जो पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (sympathetic nervous system) से संबंधित होता है। यह योग आपके रीढ़ के चारों ओर जोड़ों और ऊतकों की मालिश करता हैं उन्हें नरम, कोमल और युवा रखता हैं। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट पर घुटनों को टेक के अपने दोनों हाथों को जमीन पर रख लें। अपने धड को फर्श के समान्तर रखें। अब साँस को अन्दर लेते हुए अपने सिर को पीछे की ओर तथा अपनी ठुड्डी को ऊपर

रजोनिवृत्ति के लक्षणों से बचने के लिए योग

रजोनिवृत्ति के लिए योग शांत और एकत्र रहने के बारे में है। आप अपने तंत्रिका तंत्र को संतुलित रखना चाहते हैं और शरीर को गर्म किए बिना ताकत बनाए रखने के लिए अभ्यास का उपयोग करते हैं।

हार्मोन को संतुलित करने और रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करने में मेनोपॉज यानि माहवारी बंद होने के बाद निम्न योग आपकी मदद कर सकते हैं। आइये इन योग को करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानते हैं।

रजोनिवृत्ति के लिए योग

रजोनिवृत्ति तब होती है जब किसी महिला का मासिक धर्म स्थायी रूप से रुक जाता है। यह आमतौर पर हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तनों से जुड़ा होता है। ये परिवर्तन धीरे-धीरे या अचानक हो सकते हैं। रजोनिवृत्ति एक महिला के जीवन चक्र में एक प्राकृतिक प्रकिया है। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक नए चरण में पहुंचना है। इसके लक्षणों में अनियमित मासिक धर्म, यौन इच्छा में बदलाव, गर्म चमक (hot flashes), योनि का सूखापन और मूत्र संबंधी समस्याएं, मूड में बदलाव, नींद की समस्या, धड़कन और पीठ दर्द आदि शामिल हैं। यदि आप रजोनिवृत्ति से गुजर रही हैं तो आप हार्मोन के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को महसूस कर सकती हैं। योग के द्वारा

पैंक्रियास के लिए योग पद्म बकासन

पद्म बकासन रक्तचाप बढ़ाता है, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन को बढ़ावा देता है। पद्म बकासन योग पैंक्रियास के लिए अच्छा होता है। यह योग हाथ, कंधे और पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करता है और कंधे, कोहनी और कलाई के जोड़ों को स्थिर करता है। पद्म बकासन योग अग्न्याशय और पाचन तंत्र के कार्य को नियंत्रित करता है। पैंक्रियास के लिए पद्म बकासन योग करने के लिए आप पहले एक योगा मैट को फर्श पर बिछा कर उस पर पद्मासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब थोड़ा सा फर्श की ओर झुके और आगे की ओर इशारा करते हुए उंगलियों को फर्श पर रखें। अब दोनों हाथों पर अपने शरीर का भार डालते हुए धीरे-धीरे नितंबों और पैरों को उठाएं और घुटनों

अग्न्याशय के लिए योग मयूरासन

मयूर मुद्रा या मयूरासन अग्न्याशय या पैंक्रियास की समस्याओं से राहत पाने के लिए एक और बेहतरीन योग आसन है। यह योग पेट, गुर्दे और आंतों को सक्रिय करने में मदद करता है। मयूरासन मन को शांत करता है, चिंता को कम करता है और मधुमेह से लड़ता है। यह आसन पेट के अंदर दबाव को भी बढ़ाता है, जो बदले में यकृत और प्लीहा के विस्तार को कम करता है। यह आसन मल त्याग को आसान बनाता है। मयूरासन करने के लिए आप किसी स्वच्छ स्थान पर योग मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अपने हाथों को जमीन पर रखें और हाथ की उंगली को अपने पैरों की ओर रखना हैं। दोनों घुटनों के बीच में अपने दोनों हाथ रखें और कोहिनी को अपने पेट पर अच्छे सेट करे

पैंक्रियास के लिए योग अर्धमत्स्येन्द्रासन

अर्धमत्स्येन्द्रासन योग पैंक्रियास के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन रीढ़ को अधिक लचीला बनाने में मदद करता है, यह मांसपेशियों को भी फैलाता है और रीढ़ की हड्डी के दर्द से राहत देता है। पैंक्रियास के लिए योग अर्धमत्स्येन्द्रासन रक्त परिसंचरण में भी सुधार करता है, अग्न्याशय को उत्तेजित करता है और मधुमेह को ठीक करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा के उस पर दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दायं पैर को बाएं पैर के घुटने के साइड में बाहर की ओर रखें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें अपने गर्दन कंधे और कमर को दाहिनी ओर घुमा लें। कुछ सेकंड के लिए इस मुद्

पादहस्तासन योग करने फायदे

पादहस्तासन योग हमारे शरीर को अनेक प्रकार से प्रभावित करता है और हमें स्वस्थ रखने में हमारी मदद करता है। पादहस्तासन योग करने के अनेक लाभ हैं आइये इसके लाभों विस्तार से जानते हैं-

पादहस्तासन योग करने का तरीका

अपने स्वा्स्थ्य को ठीक रखने के लिए और शरीर को रोगों से दूर रखने के लिए पादहस्तासन योग एक अच्छा योग हैं आइये इस योग को करने के तरीके को विस्तार से जानते हैं-

पीलिया रोग को दूर करने के लिए योगासन बद्ध-पद्मासन

बद्ध-पद्मासन योग आपके पेट के अंगों खासकर लिवर को टोन और मजबूत बनाने में मदद करता है। बद्ध पद्मासन करने के लिए सबसे पहले आप फर्श पर पद्मासन या कमल की मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को पीछे की ओर ले जाएं विपरीत स्थिति में अपने अंगूठों को पकड़े अर्थात अपने दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़े और बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें। बद्ध पद्मासन में अपने रीढ़ की हड्डी और सिर को एक सीधी रेखा में रखें। इसे आप कम से कम 30 सेकंड एक लिए करें।

पीलिया का उपचार के लिए योग गोमुखासन

गोमुखासन योग को काउ फेस पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। यह सिरोसिस (Cirrhosis) के इलाज के लिए सबसे अच्छे आसनों में से एक है। जब आप यकृत सिरोसिस (Liver Cirrhosis) से पीड़ित होते हैं, तो ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह को घाव के निशान वाले ऊतकों द्वारा रोका जाता है। जिससे आपका लीवर विषाक्त पदार्थों और रोगजनक बैक्टीरिया को हटाने और वसा को चयापचय करने में असमर्थ हो जाता है। गोमुखासन योग करने से आपका लिवर उत्तेजित हो जाता है, जिससे ऑक्सीजन और रक्त इसके माध्यम से मुक्त रूप से प्रवाहित होते है। इस आसन को करने के लिए आप आप सबसे एक योगा मैट बिछा के सुखासन में बैठ जाएं।