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योग

जॉन्डिस रोग के लिए योग सर्वांगासन

पीलिया रोग में सर्वांगासन योग बहुत ही फायदेमंद होता है। यह यकृत, गुर्दे और श्वसन प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करता है। इसके अलावा आप एक स्वस्थ जिगर और मजबूत प्रतिरक्षा के लिए सर्वांगासन योग करें। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट के सीधे पीठ के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को सीधा रखें। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहाँ से मुड़े और उनकों ऊपर करें। इसके बाद अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा देते हुए उठायें। अपने पैरों को अधिकतम ऊंचाई तक ऊपर करें। इस स्थिति में आपकी रीड की हड्डी और आपके पैर एक सीधी रेखा में रहने चाहियें।

जॉन्डिस को दूर करने के लिए योग नौकासन

नौकासन या नवासन जिसे नाव मुद्रा के रूप में जाना जाता है। यह यकृत कैंसर के इलाज में मदद करने के लिए एक सरल अभी तक प्रभावी आसन है। नौकासन योग के से आप अपने लीवर की उत्तेजना और मजबूती में मदद कर सकते हैं, जिससे यह आपके शरीर के सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को साफ कर देता है। नवासना करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के दण्डासन में बैठ जाएं। अब दोनों पैरों को सीधा रखें हुए ऊपर की ओर उठायें। आप थोड़ा सा पीछे की ओर झुक जाएं जिससे संतुलन बना रहे, हाथों को अपने आगे की ओर सीधा और फर्श के समान्तर रखें। इस मुद्रा में अपनी कमर पर 45 डिग्री का कोण बनाए। इस आसन को आप 20 से 60 सेकंड तक करने का प्रयास करें।

पीलिया के लिए योग धनुरासन

धनुरासन योग उन लोगों के लिए अद्भुत काम करता है जो फैटी लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं। यह लीवर को उत्तेजित, मजबूत और स्ट्रेच करता है, और इसमें जमें वसा को शरीर के लिए ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग किया जाता है। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट बिछा के उस पर पेट के बल लेट जाएं, दोनों हाथों को शरीर के समान्तर रखें और पैरों को पीछे की ओर मोड़ लें। अब अपने हाथों को पीछे ले जाएं और दोनों पैरों को दोनों हाथों से पकड़ लें। इस आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अंत में दोनों हाथों को खोल के अपनी प्रारंभिक स्थिति में आयें।

पीलिया रोग के लिए योग

जब आपको पीलिया होता है तो आपको यकृत में पित्त के अतिरिक्त स्राव होता है इससे छुटकारा पाने के लिए योगा और प्राणायाम के माध्यम से शरीर में ऊर्जा का संचार करना चाहिए, जो पीलिया का प्राथमिक कारण है। यकृत के कार्यों को महत्वपूर्ण बनाने के लिए कुछ योग आसनों का अभ्यास किया जा सकता है।

पीलिया रोग के लिए योगासन

यदि आप अपने लिवर को दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो योगासन आपके लिए बेहत मददगार साबित हो सकता है अगर आपका शरीर पीला पड़ रहा है तो ये पीलिया का लक्षण हो सकता है। पीलिया को अंग्रेजी में जॉन्डिस भी कहा जाता है। आइये जानें पीलिया रोग को दूर करने के लिए योगासन के नाम, करने की विधि और तरीका हिंदी में। पीलिया यकृत (लीवर) में होने वाली एक गंभीर बीमारी है जिसकी वजह से त्वचा का रंग, श्लेष्मा झिल्ली और आँखों का रंग पीला हो जाता हैं। हम सभी जानते हैं कि लीवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है तो इसका अच्छी तरह से काम करना आवश्यक है। पीलिया के इलाज के लिए आपको तीन स्तरों मानसिक, शारीरिक और आहार

हार्ट के लिए योग उत्कटासन

उत्कटासन को चेयर पोज़ के नाम से भी जाना जाता हैं इस आसन को करने वाले की स्थिति एक कुर्सी के सामान दिखाई देती हैं। यह आसन हमारे ह्रदय को मजबूत करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले किसी योगा मैट को फर्श पर बिछा के उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर लेकर जोड़ लें। अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़े और कूल्हों को नीचे लाएं। इस स्थिति में आप एक कुर्सी के समान दिखाई देगें। इस आसन को आप 30 से 60 सेकंड के लिए करें।

दिल को मजबूत बनाने के लिए योग त्रिकोणासन

त्रिकोणासन को करने वाले व्यक्ति की स्थिति एक त्रिकोण के समान दिखाई देती हैं। यह आसन दिल से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्या को दूर करने में मदद करता है। यह आसन पैरों को मजबूत करने और पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता हैं।। इस आसन को करने के लिए आप एक स्थान पर योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को दूर-दूर करके सीधे खड़े हो जाएं, अपने दाएं पैर की तरफ झुकें और अपने हाथ को फर्श पर रखें। दूसरे हाथ को ऊपर सीधा करें जिससे दोनों हाथ एक सीधी रेखा में हो जाएं। इस आसन में कुछ सेकंड से एक मिनिट के लिए रहें।

मजबूत दिल के लिए योग पादहस्तासन

पादहस्तासन दो शब्द “पद” और “हस्त” का मेल हैं। इस आसन को करने में आपके हाथ, पैर को छूते हैं। यह आसन आपके दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है। पादहस्तासन ह्रदय में होने होने वाले अनेक प्रकार के रोगों से हमें बचाता हैं। पेट के वजन को कम करने के लिए पादहस्तासन एक अच्छा आसन हैं। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें और दोनों हाथों को ऊपर सीधा कर लें, अब धीरे-धीरे कमर से नीचे झुकते जाएं और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजों को पकड़ें। इस मुद्रा में आप 60 से 90 सेकंड के लिए रहें।

योग फॉर हार्ट पेशेंट्स वीरभद्रासन

वीरभद्रासन की मुद्रा को योद्धा पोस के रूप में भी जाना जाता है। यह आसन आपके शरीर के लिए एक अच्छे व्यायाम के रूप में जाना जाता हैं। वीरभद्रासन करने के लिए आप एक साफ स्थान पर योग मेट को बिछा के उस पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों को 3 से 3.5 फिट फैला लें। अपने दोनों हाथों की हथेलियों को अपने सिर के ऊपर जोड़ लें। इसके बाद अपने दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री के कोण पर घुमाएं और बाएं पैर के पंजे को 45 डिग्री घुमाएं। अपने सिर को भी अपने दायं पैर की ओर घुमाएं और फिर अपने दायं पैर को 90 डिग्री मोड़ के अपने सिर को पीछे की ओर झुका दें और ऊपर की ओर देखें। इस स्थिति में आप 30 से 60 सेकंड तक रहें। फिर

हृदय रोग के लिए योग सेतुबंध आसन

सेतुबंध आसन में आपका शरीर एक ब्रिज के समान दिखाई देता हैं। यह आसन आपको ह्रदय से सम्बंधित रोगों से बचाता हैं। इसके अलावा यह पेट की चर्बी को भी कम करने में मदद करता हैं। सेतुबंध आसन को करने के लिए आप एक योगा मैट को बिछा के पीठ के बल यानि सीधे लेट जाएं। इसके बाद अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़े और दोनों पैरों पर वजन डालते हुए अपने कूल्हों को फर्श से ऊपर उठायें। अपने दोनों हाथों को पीठ के नीचे ले आयें और उंगली को उंगली में फंसा के दोनों को आपस में जोड़ लें। इस स्थिति में रहते हुए 20 बार साँस लें और आसन को छोड़े।