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योग

डिलीवरी के बाद योग कैट काऊ पोज़

कैट काऊ पोज़ करने वाला व्यक्ति गाय और बिल्ली के समान दिखाई देता हैं इसलिए इसे अंग्रेजी में Cat Cow Pose कहते हैं। डिलीवरी के बाद महिलाओं का वजन कम करने के लिए यह एक अच्छा योग है। यह आपकी रीड की हड्डी को लोचदार बनता हैं और रक्त के प्रवाह को बढ़ता हैं।

प्रसव के बाद योग कोबरा पोज

कोबरा पोज प्रसव के बाद के बाद महिलाओं को कमर दर्द से राहत दिलाने में बेहद प्रभावी है। कोबरा पोज कूल्हों को मजबूत करने, पेट, हाथ और कंधे को टोन करने, रीढ़ को मजबूत बनाने, श्रोणि क्षेत्र में रक्त और ऑक्सीजन परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है।

डिलीवरी या प्रसव के बाद योग

डिलीवरी के बाद योग महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक समस्याओं से लड़ने का सबसे अच्छा उपाय है। आइये महिलाओं के लिए प्रसव के बाद योग के प्रकार और उन्हें करने के तरीकों को विस्तार से जानतें हैं –

प्रसव के बाद योग

प्रसव के बाद योग महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। एक बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में कई प्रकार बदलाब होते है। डिलीवरी के बाद योग (delivery ke baad yoga) शक्ति का निर्माण, मुद्रा में सुधार, ऊर्जा के स्तर में वृद्धि और प्रसवोत्तर अवसाद के लक्षणों को कम करने का एक शानदार तरीका हो सकता है। अपने साप्ताहिक दिनचर्या में कुछ प्रसवोत्तर योग जोड़ना भी एक कमजोर पेल्विक फ्लोर, तंग कूल्हों, गले में खराश, स्टैमिना की कमी और अधिक फैली हुयी पेट की मांसपेशियों के लिए ठीक करने में मदद करता है। डिलीवरी के बाद निकला पेट अंदर करने का सबसे अच्छा उपाय योग आसन होता है। आइये प्रसव के बाद वजन और प

स्तन को बड़ा करने के लिए योग धनुराषन

यह बहुत सामान्य सा आसन है। इसके करते समय धनुष की आकृति बनती है इसलिए इसे धनुराषन कहा जाता है। यह आसन महिलाओं के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह न सिर्फ महिलाओं के स्तन का आकार बढ़ाने में सहायक होता है बल्कि जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में समस्या आती है यह उनके लिए भी फायदेमंद होता है। यह मांसपेशियों के दर्द को कम करने के साथ ही मासिक धर्म में परेशानी को भी दूर करता है और कब्ज से मुक्ति दिलाता है। इस आसन को सुबह या शाम खाली पेट करना चाहिए और 15 से 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहना चाहिए।

ब्रेस्ट का आकार बढ़ाने के लिए योगा द्विकोणासन

इस आसन का अभ्यास करते समय आपका शरीर दो कोण वाले पंख मुद्रा में दिखायी देता है इसलिए इसे डबल एंगल पोज भी कहा जाता है। यह आसन छाती को बहुत अच्छे से स्ट्रेच करता है और मांसपेशियों के ऊतकों को विकसित करता है। जब स्तन के ऊत्तक लंबे और बड़े हो जाते हैं तो स्तन गोल, बड़े एवं सुडौल बनते हैं। हालांकि इस आसान को बिल्कुस सही तरीके से करना चाहिए।

बड़े एवं गोल स्तन के लिए योग गोमुखासन

स्तन का आकार बढ़ाने के लिए यह एक सर्वश्रेष्ठ योग है। यह वास्तव में आपकी छाती की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है और ब्लड के प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसके अलावा यह आसन एक साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे टखने, जांघ, कूल्हे, छाती, गर्दन, हाथ और हाथ में खिंचाव उत्पन्न करता है। गोमुखासन करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है क्योंकि इसमें पैरों, हाथों, पंजों और हथेलियों को स्ट्रेच करना पड़ता है। लेकिन रोजाना अभ्यास से इसे करने में आसानी होती है। इस आसन को सुबह या शाम बिना कुछ खाए करना चाहिए और 30 से 60 सेकेंड तक इस मुद्रा में बने रहना चाहिए।

ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए योग उष्ट्रासन या कैमल पोज

स्तन का आकार बढ़ाने के लिए उष्ट्रासन एक बहुत सामान्य सा योग है जिसे कहीं भी किया जा सकता है। यह ब्रेस्ट के आसपास की मांसपेशियों के ऊतकों को बढ़ाता है जिसके परिणामस्वरूप आपके स्तनों में काफी तेजी से रक्त का प्रवाह होता है और स्तन बढ़ते हैं। इसके अलावा उष्ट्रासन मुद्रा आपके पेट को टाइट रखती है और छाती का निचला हिस्सा गोलाकार एवं लचीलापन बनता है। उष्ट्रासन या कैमल पोज को सुबह या शाम को खाली पेट करना चाहिए और इस मुद्रा में 30 से 60 सेकेंड तक बने रहना चाहिए।

ब्रेस्ट साइज बढ़ाना चाहती हैं, तो आज से शुरू कर दें योग

क्या आप विश्वास करेंगीं अगर मैं कहूं कि योग आपके स्तनों को बड़ा कर सकता है?

फिजिकल स्टेमिना बढ़ाने के लिए योग नवासना

नवासना योग को नौसकाना के रूप में भी जाना जाता है। यह योग आसन आपके स्टेमिना को बढ़ाने में आपकी मदद करता है। नवासना योग आसन से जांघों और पेट को लक्षित करने के लिए बहुत अधिक धैर्य और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। यह आसन वजन कम करने के लिए सबसे अच्छा है और एक बेहतरीन स्टैमिना बूस्टर भी है।