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योग

पर्श्वोत्तनासन योग के फायदे

अन्य योगों की तरह ही पर्श्वोत्तनासन योग आसन हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं। यह हमारे शरीर में होने वाली कई प्रकार की समस्या से हमें दूर रखता हैं। आइये इसके लाभों को विस्तार से जानते हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग करने का तरीका

आपको बता दें पर्श्वोत्तनासन योग एक सरल योगासन है इसे करना बहुत ही आसान हैं। किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से इस योग को कर सकता हैं। नीचे पर्श्वोत्तनासन को करने की कुछ स्टेप दी गई है जिसकी मदद से आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

पर्श्वोत्तनासन योग करने से पहले यह आसन करें

पर्श्वोत्तनासन योग करने से पहले आप नीचे दिए गए कुछ आसन का अभ्यास करें, जिससे आपको इस आसन करने में आसानी होगी –

अधोमुख श्वान आसन
बद्ध कोणासन
गोमुखासन
उत्तानासन
वृक्षासन
ताड़ासन
 

हस्तपादासन योग फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए

नियमित रूप से हस्तपादासन योग करने से जननांग स्‍वस्‍थ रहते है और महिलाओं को इनफर्टिलिटी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। यदि आपको कंसीव करने में द‍िक्‍कत आ रही है तो आप हस्तपादासन योग करें।

इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें और अपने दोनों हाथों को ऊपर सीधा कर लें। अब धीरे-धीरे सामने को ओर कमर से नीचे झुकते जाएं और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजों को छूने की कोशिश करें। इस आसन में आप 60 से 90 सेकंड के लिए रहें फिर आसन से बाहर आयें।

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए पश्चिमोत्तानासन योग

पश्चिमोत्तानासन योग हैमस्ट्रिंग, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों को एक अच्छा खिंचाव देता है। यह महिला प्रजनन अंगों, खासकर गर्भाशय और अंडाशय को भी उत्तेजित करता है। जिससे प्रजनन स्तर में सुधार होता है और तनाव दूर होता है।

पश्चिमोत्तानासन करने के लिए आप किसी साफ स्थान पर योगा मैट को बिछा के दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके दण्डासन में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को ऊपर उठा के सीधे कर लें। अब धीरे-धीरे आगे की ओर झुके और अपने दोनों हाथों से पैर के पंजे पकड़ लें। अपनी सिर को घुटनों पर रख दें। इस आसन को 20 से 60 सेकंड के लिए करें।

कंसीव करने में आ रही है द‍िक्‍कत तो करें भुजंगासन योग

भुजंगासन योग (कोबरा पोज) श्रोणि क्षेत्र में रक्त और ऑक्सीजन परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। यह पेट कि चर्बी को भी कम करता है और कंसीव करने में द‍िक्‍कत आ रही है को दूर करके प्रजनन क्षमता बढ़ाने बढ़ने में भी मदद करता है।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग बद्ध कोणासन

बद्ध कोणासन प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी योगों में से एक है क्योंकि यह कमर, आंतरिक जांघों और घुटनों को बढ़ाता है। यह आसान कमर और कूल्हे के क्षेत्रों में लचीलेपन के स्तर में सुधार करता है। यह सब कंसीव करने की संभावना को अनुकूल बनाता है और यदि गर्भावस्था में बाद में इस आसन का अभ्यास किया जाता है, तो आपका सुचारू प्रसव भी होना तय है।

कंसीव करने में आ रही है द‍िक्‍कत, तो शुरु करे ये 5 फर्टिलिटी योग आसन

ख़राब जीवनशैली, अधिक उम्र में शादी करना और देरी से फैमिली प्‍लान‍िंग के कारण महिला और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। खानपान भी महिलाओं में इनफर्टिलिटी (बांझपन) का कारण बनता है। एक रिसर्च में यह साबित हुआ है कि जो महिलाएं फर्टिलिटी बढ़ाने वाले योगासन का अभ्यास करती हैं, उनके प्रेग्नेंट होने की संभावना अन्य महिलाओं से अधिक होती है। अब तो डॉक्टर भी प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग करने की सलाह देते हैं। यदि महिलाओं को कंसीव करने में द‍िक्‍कत आ रही है तो आप इन योग आसन को करें।