Skip to main content

योग

योगा और आसन में क्या अंतर है?

महर्षि पतंजलि की योग प्रणाली में 8 हिस्से हैं, जिन्हें अष्टांगिक योग कहा जाता है। इनमें से प्रथम पांच को बहिरंग तथा अंतिम तीन को अंतरंग कहते हैं।

प्रथम पांचों के नाम इस प्रकार हैं—यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार।

अंतिम तीन कहलाते हैं—धारणा ध्यान और समाधि।

आसन का अर्थ है : शरीर की ऐसी पोजीशन जिसमें हम अधिक देर तक सुख पूर्वक स्थिर रह सकें।

ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਲਈ ਯੋਗਾ ਕਰੋ

ਜੇ ਤੁਸੀਂ ਆਦਤ ਅਨੁਸਾਰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਨਹੀਂ ਲੈਂਦੇ, ਤਾਂ ਇਹ ਸੰਭਵ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੀ ਉਮਰ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੰਗਾ ਮਹਿਸੂਸ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਤੁਸੀਂ ਉਲਝਣ ਵਿਚ ਹੋਵੋਗੇ. ਜਦੋਂ ਅਸੀਂ ਸੌਂਦੇ ਹਾਂ, ਤਾਂ ਸਾਡੇ ਸਰੀਰ ਦੇ ਸੈੱਲ ਦਾ ਪੱਧਰ ਸੁਧਾਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਤੱਤਾਂ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ. ਇਸ ਲਈ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ 6-7 ਘੰਟੇ ਦੀ ਨੀਂਦ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ.

ਜੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਨੀਂਦ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ, ਤਾਂ ਯੋਗਾ ਇਸ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰੇਗਾ. ਕਈ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨਿਰੰਤਰ ਯੋਗਾ ਦੇ ਅਭਿਆਸ ਨਾਲ ਪਤਾ ਲਗਦੀਆਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇਨਸੌਮਨੀਆ ਅਤੇ ਸੌਣ ਦੀਆਂ ਅਸਾਧਾਰਣ ਆਦਤਾਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ. ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿਚ, ਯੋਗਾ ਤਣਾਅ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਰਾਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਨੀਂਦ ਆਉਂਦੀ ਹੈ.

अच्छी नींद के लिये योग करें

यदि आदतन आप को रात को अच्छी नींद नहीं आती,तो यह संभव है कि आप की उम्र तेजी से ज्यादा बढ़ रही है और इसके अतिरिक्त आप को अच्छा नहीं लगता होगा और आपकी भ्रमित सोच होगी | जब हम नींद में होते हैं तब हमारा शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है | इसलिये प्रतिदिन ६-८ घंटों की नींद आवश्यक है |

यदि आप की पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा | निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल है | दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है |

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने वाले योगासन

यदि पाचनतंत्र मजबूत हो तो शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के कुछ योगासन हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से पाचनतंत्र दुरुस्त बनता है और शरीर भी स्वस्थ और मजबूत होता है।

पाचनतंत्र के लिए योग

 

योग जीवन जीने की एक उत्तम कला है

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनेक ऐसे पल हैं जो हमारी स्पीड पर ब्रेक लगा देते हैं। हमारे आस-पास ऐसे अनेक कारण विद्यमान हैं जो तनाव, थकान तथा चिड़चिड़ाहट को जन्म देते हैं, जिससे हमारी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऐसे में जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिये योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो, माइंड को कूल तथा बॉडी को फिट रखता है। योग से जीवन की गति को एक संगीतमय रफ्तार मिल जाती है।

सेहत और योग

योग शरीर को सेहतमंद बनाए रखता है और कई प्रकार की शरीरिक और मानसिक परेशानियों को दूर करता है. योग श्वसन क्रियाओं को सुचारू बनाता है. योग के दौरान गहरी सांस लेने से शरीर तनाव मुक्त होता है. योग से रक्त संचार भी सुचारू होता है और शरीर से हानिकारक टाँक्सिन निकल आते हैं. यह थकान, सिरदर्द, जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है एवं ब्लड प्रेसर को सामान्य बनाए रखने में भी सहायक होता है.

डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से ठीक रहेगा ब्रेन

योग से सेहत संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन ठीक कर सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत नहीं कर सकता। योग विशेषज्ञ मीना सोंधी कहती हैं कि आसनों का असर इतना है कि दवाओं का सहारा लेने की जरूरत ही नहीं।

ये हैं शीर्ष 10 आसन

हृदय रोगों में योगासनों के लाभ

भारत में हर साल दिल की विमरियो या हार्ट अटैक से लाखो मौत होती हैं यह बीमारी मानसिक तनाव दूषित खान पान व्लड प्रेशर आदि कारणों से होती है योग एक जरिया है जिससे हम अपने दिल को बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं। ऐसे योगासन हैं, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस सांसों पर होता है, जिससे हमारा रेस्पिरेटरी सिस्टम दुरुस्त रहता है।दिल की बीमारियों को कार्डिवस्‍कुलर डिजीज कहा जाता है। चिकित्‍सीय भाषा में दिल की बीमारियों के लिए यही शब्‍दावली इस्‍तेमाल की जाती है। रजिस्‍ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक नए शोध के मुताबिक भारत में बड़ी संख्‍या में लोग दिल की बीमारियों के कारण गंवाते ह

योगासनों के गुण और लाभ

योगासनों का सबसे बड़ा गुण यह हैं कि वे सहज साध्य और सर्वसुलभ हैं। योगासन ऐसी व्यायाम पद्धति है जिसमें न तो कुछ विशेष व्यय होता है और न इतनी साधन-सामग्री की आवश्यकता होती है। योगासन अमीर-गरीब, बूढ़े-जवान, सबल-निर्बल सभी स्त्री-पुरुष कर सकते हैं। आसनों में जहां मांसपेशियों को तानने, सिकोड़ने और ऐंठने वाली क्रियायें करनी पड़ती हैं, वहीं दूसरी ओर साथ-साथ तनाव-खिंचाव दूर करनेवाली क्रियायें भी होती रहती हैं, जिससे शरीर की थकान मिट जाती है और आसनों से व्यय शक्ति वापिस मिल जाती है। शरीर और मन को तरोताजा करने, उनकी खोई हुई शक्ति की पूर्ति कर देने और आध्यात्मिक लाभ की दृष्टि से भी योगासनों का अपना अल

योग से दूर होते हैं टेंशन रोग

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान तनाव और टेंशन से गुजर रहा है। लेकिन इस तनाव का सबसे बुरा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसे में हर दिन सिर्फ 5 मिनट के योग से ना सिर्फ आपका मन शांत होगा बल्कि टेंशन भी दूर होगी और शरीर और दिमाग भी फिट रहेगा। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें और जानें कुछ ऐसे आसन जिससे दूर होगी आपकी टेंशन...

बलासन:- इसे चाइल्ड पोज भी कहते हैं। बच्चों की मुद्रा में बैठने से दिमाग को आराम मिलता है, तनाव और चिंता में कमी आती है। ये आसन हमारे तंत्रिका-तंत्र और लसीका प्रणाली के लिए भी काफी अच्छी है।