Skip to main content

किस रोग में कौन से योग आसन कारगर

किस रोग में कौन से योग आसन कारगर

मोटापा : वैसे तो मात्र आंजनेय आसन ही लाभयायक सिद्ध होगा लेकिन आप करना चाहे तो ये भी कर सकते हैं- वज्रासन, मण्डूकासन, उत्तानमण्डूसकासन, उत्तानकूर्मासन, उष्ट्रासन, चक्रासन, उत्तानपादासन, सर्वागांसन व धनुरासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, कटिचक्रासन, कोणासन, उर्ध्वाहस्तोहत्तातनासन और पद्मासन।

कमर और पेट की चर्बी घटाएं : ऑफिस में लगातार कुर्सी पर बैठे रहने या अन्य किसी कारण से अब अधिकतर लोगों के पेट निकल आए हैं और कमर पर भी अच्छी-खासी चर्बी चढ़ गई है। इस चर्बी को घटाने के लिए कटि चक्रासन के अलावा तोलांगुलासन भी उत्तम है, लेकिन आप चाहे तो ये आसन भी आजमा सकते हैं- वृक्षासन, ताड़ासन, त्रिकोणासन, पादस्तासन, आंजनेय आसन और वीरभद्रासन भी कर सकते हैं।

कमर दर्द : मकरासन, भुजंगासन, हलासन और अर्ध-मत्स्येन्द्रासन के अभ्यास से कमर का दर्द मिट जाता है।

कब्ज आज का महारोग है। यह अनियमित भोजन, मांस, फास्ट-फूड मैदा, धूम्रपान, मदिरा आदि का सेवन करने से होती है। इसके अलावा तनाव और अनिद्रा भी इसके कारण हैं। योगाभ्यास के विभिन्न आसनों और मुद्राओं के माध्यम से हम इस रोग से छुटकारा पा सकते हैं।

कब्ज रोग के लिए : वज्रासन, सुप्तवज्रासन, मयूरासन, पश्चिचमोत्तानासन, धनुरासन मत्स्यासन, कूर्मासन, चक्रासन, योग मुद्रा और अग्रिसार क्रिया लाभदायक रहती हैं।

झड़ते बालों के लिए : बालों के झड़ने का कारण है शहर का प्रदूषण, धूल, धुआं और दूषित भोजन-पानी। इसके अलावा तनाव और अवसाद। प्रदूषण से त्वचा रूखी हो जाती है रूखी त्वचा में डैंड्रफ हो जाते हैं और यह रूखी त्वचा चर्म रोग का कारण भी बन सकती है।

ये करें : वज्रासन के बाद कुर्मासन करें फिर उष्ट्रासन करें। पवनमुक्तासन के बाद मत्स्यासन करें फिर कुछ देर विश्राम करने के बाद शीर्षासन करें। आसनों को करने के बाद अनुलोम-विलोम प्राणायम करें और फिर पांच मिनट का ध्यान करें।

तनाव भरा जीवन, नशे की प्रवृत्ति और प्रदूषण भरे माहौल में पुरुषों की सेक्स लाइफ का स्तर लगातर गिरता जा रहा है। कहते हैं कि सुखी जीवन के लिए सेक्स के प्रति संतु‍ष्टि होना आवश्यक है, जिससे जीवन के द्वंद्व मिटते हैं। 

सेक्स लाइफ में सुधार के त्रिस्तर : शरीर, प्राण और मन अर्थात आसन से शरीर, प्राणायम से प्राण और ध्यान से मन में शांति और शक्ति संचार होता है। आप यदि प्रतिदिन सूर्यनमस्कार करेंगे तो फायदा होगा।

url

Article Category

Article Related

Title
दुनिया को क्यों है योग की ज़रूरत
योग करें और किडनी को मजबूत बनाए
कर्मयोग से तात्पर्य
योग करते समय रहें सावधान... और बनें स्वास्थ्य
योग और जिम में से क्या बेहतर है?
प्रेगनेंसी के समय में योगा
दिमाग के लिए कुछ योगासन
स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता की योग चिकित्सा
योग का जीवन में महत्व
योग मुद्रा क्या है
चित्त की सभी वृत्तियों को रोकने का नाम योग है
श्वेत प्रदर(ल्यूकोरिया) में योग
ये 10 योगासन करने से दूर होती है थायरायड की बीमारी
यौगिक ध्यान से लाभ
योग से समृद्ध होता जीवन
योगासन दिलाए पीरियड्स के दर्द में आराम
योग के आसन दूर कर सकते हैं डिप्रेशन
पैंक्रियास के लिए योग हलासन
पैंक्रियास के लिए योग गोमुखासन
पैंक्रियास के लिए योग
पादहस्तासन योग करने करते समय यह सावधानी रखें
पादहस्तासन योग करने फायदे शारीरिक ग्रंथि को उत्तेजित करने में
पादहस्तासन योग के लाभ रक्त परिसंचरण में
पादहस्तासन योग करने फायदे हाईट बढ़ाने में
पादहस्तासन योग करने लाभ पाचन सुधारने में
पादहस्तासन योग करने फायदे तनाव कम करे
शुरुआती लोगों के लिए पादहस्तासन योग करने की टिप
पादहस्तासन योग करने से पहले करें यह आसन
पादहस्तासन योग करने का तरीका और लाभ
पीलिया रोग के लिए योग निद्रा
अग्न्याशय के लिए योग पश्चिमोत्तानासन
पैंक्रियास (अग्नाशय) के लिए योग
बुजुर्गों के लिए योगासन- बद्धकोणासन
बुजुर्गों के लिए योगासन- शलभासन
सर्वाइकल के लिए योग : भुजंगासन
योगासन से पाएं साफ और निर्मल त्वचा
योग द्वारा जोड़ों के दर्द का उपचार
सर्वाइकल के लिए योग : मत्स्यासन
कसरत, योग और फ़िटनेस की आवश्यकता
बुजुर्गों के लिए आसान योगासन : कटिचक्रासन
योग से शरीर के आठ ग्लैंड करते हैं सुचारू रूप से काम
सर्वाइकल के लिए योग : सूर्य नमस्कार
योग से जुड़ी सात भ्रांतियां
योग क्या है ? योग के 10 फायदे
खूबसूरती को लंबे समय तक बनाए योग
क्या योग इस्लाम विरोधी है?
योग’ और ‘मेडिटेशन’ के बीच क्या अंतर है?
योग क्या है
योग क्या है योगासनों के गुण एवं योगाभ्यास के लिए आवश्यक बातें
​​कर्मण्येवाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचन’ अर्थात कर्म योग